Holi 2026: 4 March को होली!
होलिका दहन और होली का पर्व हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल, होली का पर्व 4 मार्च 2026 (बुधवार) को मनाया जाएगा। होलिका दहन 3 मार्च 2026 (मंगलवार) की शाम को किया जाएगा। इस लेख में हम होलिका दहन की विधि, शुभ मुहूर्त, सुरक्षित रंगों, और रेसिपीज के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।
होलिका दहन: शुभ मुहूर्त और विधि
होलिका दहन का आयोजन हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा को किया जाता है। इस वर्ष, होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 3 मार्च को शाम 6:15 से 7:15 बजे तक रहेगा। इस समय के बीच में होलिका की आग जलाना शुभ माना जाता है।
होलिका दहन की पूजा विधि:
- सबसे पहले, होलिका की आग जलाने के लिए उपयुक्त लकड़ी और सूखे पत्ते इकट्ठा करें।
- एक स्थान पर होलिका की मिट्टी की प्रतिमा बनाएं और उसके चारों ओर लकड़ी रखें।
- होलिका की पूजा करते समय, भगवान विष्णु और होलिका का स्मरण करें।
- आग जलाने के बाद, सभी उपस्थित लोग उसकी परिक्रमा करें और अपने पापों से मुक्ति की प्रार्थना करें।
होलि का उत्सव – विशेष ध्यान उत्तर भारत पर
उत्तर भारत में होली का पर्व विशेष महत्व रखता है। यहाँ पर रंगों की बौछार, गीत-संगीत, और मिठाइयों का आनंद लिया जाता है। उत्तर भारत में होली के दौरान लोग एक-दूसरे को रंग लगाते हैं, गुझिया और ठंडाई का सेवन करते हैं, और सामूहिक रूप से त्योहार को मनाते हैं। विशेष रूप से बरसाने की होली और मथुरा की होली का जिक्र करना उचित होगा, जहाँ पर होली को एक अलग ही ढंग से मनाया जाता है।
सुरक्षित और जैविक रंगों की सिफारिशें
आजकल बाजार में कई रंग उपलब्ध हैं, लेकिन ये रंग कई बार त्वचा और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। इसलिए, सुरक्षित और जैविक रंगों का उपयोग करना बेहतर होता है। कुछ सुरक्षित रंगों की सिफारिशें इस प्रकार हैं:
- हल्दी का पीला रंग
- पुल्स से बने रंग
- गुलाब की पंखुड़ियों से तैयार किया गया गुलाबी रंग
- नीम और आंवला से बने हरे रंग
होलि के विशेष व्यंजन: गुजिया और ठंडाई
होलि का पर्व मिठाइयों और विशेष व्यंजनों के बिना अधूरा है। सबसे प्रसिद्ध व्यंजन गुजिया और ठंडाई हैं।
गुजिया बनाने की विधि:
- मैदा, घी, और पानी मिलाकर आटा गूंध लें।
- एक पैन में सूखे मेवे, खोया और चीनी मिलाकर भरावन तैयार करें।
- आटे की छोटी गोलियाँ बना कर, उन्हें बेल लें और भरावन डालकर गुजिया का आकार दें।
- गुजियाओं को तेल में तलें और ठंडा होने पर परोसें।
ठंडाई बनाने की विधि:
- बादाम, काजू, और पिस्ता को भिगोकर पीस लें।
- दूध में चीनी और गुलाब जल मिलाकर अच्छे से फेटें।
- इसमें पीसी हुई मेवों का मिश्रण डालकर ठंडा करें और परोसे।
त्वचा और बालों की सुरक्षा के टिप्स
होली के दिन रंग खेलने से पहले अपनी त्वचा और बालों की सुरक्षा करना जरूरी है। कुछ टिप्स इस प्रकार हैं:
- रंग खेलने से पहले अच्छे से आयल लगाएं, जैसे कि नारियल या जैतून का तेल।
- सुरक्षा के लिए एक अच्छा मॉइश्चराइज़र लगाएं।
- बालों को एक अच्छे हेयर मास्क से कवर करें।
इको-फ्रेंडली होली मनाने के तरीके
आजकल पर्यावरण की सुरक्षा आवश्यक है। इसलिए होली को इको-फ्रेंडली तरीके से मनाना चाहिए। कुछ उपाय इस प्रकार हैं:
- सिर्फ सुरक्षित और जैविक रंगों का उपयोग करें।
- प्लास्टिक की जगह कागज या कपड़ों के रंगों का उपयोग करें।
- पानी की बचत करें और रंग खेलने में पानी का कम उपयोग करें।
इस होली, हम सब मिलकर एक नई शुरुआत करें और इस पर्व को सुरक्षित, स्वस्थ और इको-फ्रेंडली तरीके से मनाएं। शुभ होली!












