₹7,500 न्यूनतम पेंशन और EPFO वेतन सीमा में वृद्धि से निजी क्षेत्र को लाभ
ऐतिहासिक फैसला: EPFO न्यूनतम पेंशन ₹7,500
फरवरी 2026 में सरकार ने कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत न्यूनतम पेंशन को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹7,500 प्रति माह करने की मंजूरी दी है। यह निर्णय 6.5 करोड़ से अधिक निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
2014 से अटकी पेंशन, अब मिलेगा न्याय
EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन 2014 से ₹1,000 प्रति माह पर ही अटकी हुई थी। दस साल से अधिक समय तक कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती रही। अब 118 फरवरी 2026 को उपलब्ध जानकारी के अनुसार सरकार ने यह वृद्धि स्वीकृत कर दी है।
वेतन सीमा ₹15,000 से ₹25,000 होगी
सुप्रीम कोर्ट ने 2026 की शुरुआत में केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि EPFO की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की जाए। इससे उच्च वेतन पाने वाले निजी कर्मचारियों को भी पेंशन गणना में अधिक लाभ मिलेगा।
EPS-95 पेंशन वृद्धि का असर
| वर्ग | पुरानी पेंशन | नई पेंशन |
|——|————|———|
| न्यूनतम | ₹1,000/माह | ₹7,500/माह |
| अनुमानित अधिकतम | ₹7,500 | ₹12,500 |
किसे मिलेगा फायदा
– निजी क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारी जो EPS-95 के तहत पेंशन पा रहे हैं
– लगभग 6.5 करोड़ कर्मचारी जो EPFO के सदस्य हैं
– बढ़ी हुई राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से जमा होगी
EPFO से पेंशन स्थिति कैसे जाँचें
1. EPFO पोर्टल (epfindia.gov.in) पर जाएं
2. ‘Pensioner’s Portal’ विकल्प चुनें
3. PPO नंबर या UAN से लॉग इन करें
4. पेंशन विवरण और बढ़ी हुई राशि की पुष्टि करें
निष्कर्ष
यह ₹7,500 न्यूनतम पेंशन वृद्धि करोड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। सरकार का यह कदम निजी क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।












